रस्सीसे बँधे हुए बैलोंकी भाँति आपकी वेदवाणीसे जकड़ी हुई सारी प्रजा आपकी अधीनतामें नियमपूर्वक कर्मानुष्ठान करके आपको बलि समर्पित करती है। आप सबके नियन्ता मुख्य प्राण हैं, हम आपको नमस्कार करते हैं॥ ८॥
यस्य वाचा प्रजाः सर्वा गावस्तन्त्येव यन्त्रिताः।
हरन्ति बलिमायत्तास्तस्मै मुख्याय ते नमः॥ ८
रस्सीसे बँधे हुए बैलोंकी भाँति आपकी वेदवाणीसे जकड़ी हुई सारी प्रजा आपकी अधीनतामें नियमपूर्वक कर्मानुष्ठान करके आपको बलि समर्पित करती है। आप सबके नियन्ता मुख्य प्राण हैं, हम आपको नमस्कार करते हैं॥ ८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.15.8 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 304) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/3/15/8/