कर्दमजी बोले—दोषरहित राजकुमारी! तुम अपने विषयमें इस प्रकार खेद न करो; तुम्हारे गर्भमें अविनाशी भगवान् विष्णु शीघ्र ही पधारेंगे॥ २॥
मा खिदो राजपुत्रीत्थमात्मानं प्रत्यनिन्दिते।
भगवांस्तेऽक्षरो गर्भमदूरात्सम्प्रपत्स्यते॥ २
कर्दमजी बोले—दोषरहित राजकुमारी! तुम अपने विषयमें इस प्रकार खेद न करो; तुम्हारे गर्भमें अविनाशी भगवान् विष्णु शीघ्र ही पधारेंगे॥ २॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.24.2 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 352) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/24/2/