श्रीमैत्रेयजी कहते हैं—विदुरजी! जगत्की सृष्टि करनेवाले ब्रह्माजी उन दोनोंको इस प्रकार आश्वासन देकर नारद और सनकादिको साथ ले, हंसपर चढ़कर ब्रह्मलोकको चले गये॥ २०॥
तावाश्वास्य जगत्स्रष्टा कुमारैः सहनारदः।
हंसो हंसेन यानेन त्रिधामपरमं ययौ॥ २०
श्रीमैत्रेयजी कहते हैं—विदुरजी! जगत्की सृष्टि करनेवाले ब्रह्माजी उन दोनोंको इस प्रकार आश्वासन देकर नारद और सनकादिको साथ ले, हंसपर चढ़कर ब्रह्मलोकको चले गये॥ २०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.24.20 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 354) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/3/24/20/