॥ श्रीहरिः ॥
ईडितो भगवानेवं कपिलाख्यः परः पुमान्।
वाचाविक्लवयेत्याह मातरं मातृवत्सलः॥ ९
īḍito bhagavānevaṃ kapilākhyaḥ paraḥ pumān|
vācāviklavayetyāha mātaraṃ mātṛvatsalaḥ|| 9
अर्थ
मैत्रेयजी कहते हैं—माताके इस प्रकार स्तुति करनेपर मातृवत्सल परमपुरुष भगवान् कपिलदेवजीने उनसे गम्भीर वाणीमें कहा॥ ९॥
ईडितो भगवानेवं कपिलाख्यः परः पुमान्।
वाचाविक्लवयेत्याह मातरं मातृवत्सलः॥ ९
मैत्रेयजी कहते हैं—माताके इस प्रकार स्तुति करनेपर मातृवत्सल परमपुरुष भगवान् कपिलदेवजीने उनसे गम्भीर वाणीमें कहा॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.33.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 401) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/33/9/