परमभागवत पृथुजी ऐसे ही प्रभावशाली थे। उनके चरित बड़े उदार हैं, मैंने तुम्हारे सामने उनका वर्णन किया॥ ३०॥
इत्थंभूतानुभावोऽसौ पृथुः स भगवत्तमः।
कीर्तितं तस्य चरितमुद्दामचरितस्य ते॥ ३०
परमभागवत पृथुजी ऐसे ही प्रभावशाली थे। उनके चरित बड़े उदार हैं, मैंने तुम्हारे सामने उनका वर्णन किया॥ ३०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.23.30 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 522) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/23/30/