श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.6.14

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

मन्दारैः पारिजातैश्‍च सरलैश्चोपशोभितम्।

तमालैः शालतालैश्‍च कोविदारासनार्जुनैः॥ १४

mandāraiḥ pārijātaiśca saralaiścopaśobhitam|

tamālaiḥ śālatālaiśca kovidārāsanārjunaiḥ|| 14

अर्थ

मन्दार, पारिजात, सरल, तमाल, शाल, ताड़, कचनार, असन और अर्जुनके वृक्षोंसे वह पर्वत बड़ा ही सुहावना जान पड़ता है॥ १४॥✎ 1318

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1318 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): हैैं॥ → हैं॥

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