कान्यकुब्ज नगर (कन्नौज) में एक दासीपति ब्राह्मण रहता था। उसका नाम था अजामिल। दासीके संसर्गसे दूषित होनेके कारण उसका सदाचार नष्ट हो चुका था॥ २१॥
कान्यकुब्जे द्विजः कश्चिद्दासीपतिरजामिलः।
नाम्ना नष्टसदाचारो दास्याः संसर्गदूषितः॥ २१
कान्यकुब्ज नगर (कन्नौज) में एक दासीपति ब्राह्मण रहता था। उसका नाम था अजामिल। दासीके संसर्गसे दूषित होनेके कारण उसका सदाचार नष्ट हो चुका था॥ २१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.1.21 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 697) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/6/1/21/