प्रभो! आपकी आज्ञासे हमलोग एक पापीको यातनागृहकी ओर ले जा रहे थे, परन्तु उन्होंने बलपूर्वक आपके फंदे काटकर उसे छुड़ा दिया॥ ९॥
नीयमानं तवादेशादस्माभिर्यातनागृहान्।
व्यमोचयन् पातकिनं छित्त्वा पाशान् प्रसह्य ते॥ ९
प्रभो! आपकी आज्ञासे हमलोग एक पापीको यातनागृहकी ओर ले जा रहे थे, परन्तु उन्होंने बलपूर्वक आपके फंदे काटकर उसे छुड़ा दिया॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.3.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 713) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/6/3/9/