श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.9.8

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

तुर्यं छेदविरोहेण वरेण जगृहुर्द्रुमाः।

तेषां निर्यासरूपेण ब्रह्महत्या प्रदृश्यते॥ ८

turyaṃ chedaviroheṇa vareṇa jagṛhurdrumāḥ|

teṣāṃ niryāsarūpeṇa brahmahatyā pradṛśyate|| 8

अर्थ

दूसरा चतुर्थांश वृक्षोंने लिया। उन्हें यह वर मिला कि उनका कोई हिस्सा कट जानेपर फिर जम जायगा। उनमें अब भी गोंदके रूपमें ब्रह्महत्या दिखायी पड़ती है॥ ८॥

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