ब्रह्माजीने कहा—बेटा! तुम जो वर मुझसे माँग रहे हो, वे जीवोंके लिये बहुत ही दुर्लभ हैं; परन्तु दुर्लभ होनेपर भी मैं तुम्हें वे सब वर दिये देता हूँ॥ २॥
तातेमे दुर्लभाः पुंसां यान् वृणीषे वरान् मम।
तथापि वितराम्यङ्ग वरान् यदपि दुर्लभान्॥ २
ब्रह्माजीने कहा—बेटा! तुम जो वर मुझसे माँग रहे हो, वे जीवोंके लिये बहुत ही दुर्लभ हैं; परन्तु दुर्लभ होनेपर भी मैं तुम्हें वे सब वर दिये देता हूँ॥ २॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 7.4.2 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 823) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/7/4/2/