श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.10.34

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

मरुतो निवातकवचैः कालेयैर्वसवोऽमराः।

विश्वेदेवास्तु पौलोमै रुद्राः क्रोधवशैः सह॥ ३४

maruto nivātakavacaiḥ kāleyairvasavo'marāḥ|

viśvedevāstu paulomai rudrāḥ krodhavaśaiḥ saha|| 34

अर्थ

निवातकवचोंके साथ मरुद्गण, कालेयोंके साथ वसुगण, पौलोमोंके साथ विश्वेदेवगण तथा क्रोधवशोंके साथ रुद्रगणका संग्राम होने लगा॥ ३४॥

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