श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.10.41

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

बलिर्महेन्द्रं दशभिस्त्रिभिरैरावतं शरैः।

चतुर्भिश्‍चतुरो वाहानेकेनारोहमा१र्च्छयत्॥ ४१

balirmahendraṃ daśabhistribhirairāvataṃ śaraiḥ|

caturbhiścaturo vāhānekenārohamārcchayat|| 41

अर्थ

राजा बलिने दस बाण इन्द्रपर, तीन उनके वाहन ऐरावतपर, चार ऐरावतके चार चरण-रक्षकोंपर और एक मुख्य महावतपर—इस प्रकार कुल अठारह बाण छोड़े॥ ४१॥

टिप्पणियाँ

  1. १

    प्रा० पा०—मर्पयत्।

    (मुद्रित पृष्ठ 955)

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