परीक्षित्! वीर्यपात हो जानेके बाद उन्हें अपनी स्मृति हुई। उन्होंने देखा कि अरे, भगवान्की मायाने तो मुझे खूब छकाया! वे तुरंत उस दुःखद प्रसंगसे अलग हो गये॥ ३५॥✎ 734735736737738
स्कन्ने रेतसि सोऽपश्यदात्मानं देवमायया।
जडीकृतं नृपश्रेष्ठ संन्यवर्तत कश्मलात्॥ ३५
परीक्षित्! वीर्यपात हो जानेके बाद उन्हें अपनी स्मृति हुई। उन्होंने देखा कि अरे, भगवान्की मायाने तो मुझे खूब छकाया! वे तुरंत उस दुःखद प्रसंगसे अलग हो गये॥ ३५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.12.35 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 967) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/12/35/