॥ श्रीहरिः ॥
स्वधामाख्यो हरेरंशः साधयिष्यति तन्मनोः।
अन्तरं सत्यसहसः सूनृतायाः सुतो विभुः॥ २९
svadhāmākhyo hareraṃśaḥ sādhayiṣyati tanmanoḥ|
antaraṃ satyasahasaḥ sūnṛtāyāḥ suto vibhuḥ|| 29
अर्थ
सत्यसहाकी पत्नी सूनृताके गर्भसे स्वधामके रूपमें भगवान्का अंशावतार होगा और उसी रूपमें भगवान् उस मन्वन्तरका पालन करेंगे॥ २९॥
स्वधामाख्यो हरेरंशः साधयिष्यति तन्मनोः।
अन्तरं सत्यसहसः सूनृतायाः सुतो विभुः॥ २९
सत्यसहाकी पत्नी सूनृताके गर्भसे स्वधामके रूपमें भगवान्का अंशावतार होगा और उसी रूपमें भगवान् उस मन्वन्तरका पालन करेंगे॥ २९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.13.29 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 971) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/13/29/