इन्द्रने देखा कि बलिने युद्धकी बहुत बड़ी तैयारी की है। अतः सब देवताओंके साथ वे अपने गुरु बृहस्पतिजीके पास गये और उनसे बोले—॥ २४॥✎ 1971
मघवांस्तमभिप्रेत्य बलेः परममुद्यमम्।
सर्वदेवगणोपेतो गुरुमेतदुवाच ह॥ २४
इन्द्रने देखा कि बलिने युद्धकी बहुत बड़ी तैयारी की है। अतः सब देवताओंके साथ वे अपने गुरु बृहस्पतिजीके पास गये और उनसे बोले—॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.15.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 976) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/15/24/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1971 मुद्रणकी अपनी भूल (गीताप्रेसके पुराने संस्करणों और ग्रन्थकी अपनी गणनासे): सौगन्धित → सौगन्धिक