देवताओंके छिप जानेपर विरोचननन्दन बलिने अमरावतीपुरीपर अपना अधिकार कर लिया और फिर तीनों लोकोंको जीत लिया॥ ३३॥✎ 747
देवेष्वथ निलीनेषु बलिर्वैरोचनः पुरीम्।
देवधानीमधिष्ठाय वशं निन्ये जगत्त्रयम्॥ ३३
देवताओंके छिप जानेपर विरोचननन्दन बलिने अमरावतीपुरीपर अपना अधिकार कर लिया और फिर तीनों लोकोंको जीत लिया॥ ३३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.15.33 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 977) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/15/33/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)