तब पुरुषोत्तमभगवान् उसके सामने प्रकट हुए। परीक्षित्! वे पीताम्बर धारण किये हुए थे, चार भुजाएँ थीं और शंख, चक्र, गदा लिये हुए थे॥ ४॥✎ 769770771772
तस्याः प्रादुरभूत्तात भगवानादिपूरुषः।
पीतवासाश्चतुर्बाहुः शङ्खचक्रगदाधरः॥ ४
तब पुरुषोत्तमभगवान् उसके सामने प्रकट हुए। परीक्षित्! वे पीताम्बर धारण किये हुए थे, चार भुजाएँ थीं और शंख, चक्र, गदा लिये हुए थे॥ ४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.17.4 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 985) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/17/4/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (4)