इसके बाद ब्रह्माजीकी अनुमतिसे लोकपालोंके साथ देवराज इन्द्रने वामनभगवान्को सबसे आगे विमानपर बैठाया और अपने साथ स्वर्ग लिवा ले गये॥ २४॥✎ 8248258261629
ततस्त्विन्द्रः पुरस्कृत्य देवयानेन वामनम्।
लोकपालैर्दिवं निन्ये ब्रह्मणा चानुमोदितः॥ २४
इसके बाद ब्रह्माजीकी अनुमतिसे लोकपालोंके साथ देवराज इन्द्रने वामनभगवान्को सबसे आगे विमानपर बैठाया और अपने साथ स्वर्ग लिवा ले गये॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.23.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1013) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/23/24/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (4)