एक दिन वे राजर्षि कृतमाला नदीमें जलसे तर्पण कर रहे थे। उसी समय उनकी अंजलिके जलमें एक छोटी-सी मछली आ गयी॥ १२॥✎ 832
एकदा कृतमालायां कुर्वतो जलतर्पणम्।
तस्याञ्जल्युदके काचिच्छफर्येकाभ्यपद्यत॥ १२
एक दिन वे राजर्षि कृतमाला नदीमें जलसे तर्पण कर रहे थे। उसी समय उनकी अंजलिके जलमें एक छोटी-सी मछली आ गयी॥ १२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.24.12 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1015) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/24/12/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)