श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.24.32

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

श्रीभगवानुवाच

सप्तमेऽद्यतनादूर्ध्वमहन्येतदरिन्दम ।

निमङ्क्ष्यत्यप्ययाम्भोधौ त्रैलोक्यं भूर्भुवादिकम्॥ ३२

saptame'dyatanādūrdhvamahanyetadarindama |

nimaṅkṣyatyapyayāmbhodhau trailokyaṃ bhūrbhuvādikam|| 32

अर्थ

श्रीभगवान्‌ने कहा—सत्यव्रत! आजसे सातवें दिन भूर्लोक आदि तीनों लोक प्रलयके समुद्रमें डूब जायँगे॥ ३२॥✎ 836

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #836 शब्दोंके बीचका स्थान: श्रीभगवान् ने → श्रीभगवान्‌ने

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