॥ श्रीहरिः ॥
सप्तमेऽद्यतनादूर्ध्वमहन्येतदरिन्दम ।
निमङ्क्ष्यत्यप्ययाम्भोधौ त्रैलोक्यं भूर्भुवादिकम्॥ ३२
saptame'dyatanādūrdhvamahanyetadarindama |
nimaṅkṣyatyapyayāmbhodhau trailokyaṃ bhūrbhuvādikam|| 32
अर्थ
श्रीभगवान्ने कहा—सत्यव्रत! आजसे सातवें दिन भूर्लोक आदि तीनों लोक प्रलयके समुद्रमें डूब जायँगे॥ ३२॥✎ 836
सप्तमेऽद्यतनादूर्ध्वमहन्येतदरिन्दम ।
निमङ्क्ष्यत्यप्ययाम्भोधौ त्रैलोक्यं भूर्भुवादिकम्॥ ३२
श्रीभगवान्ने कहा—सत्यव्रत! आजसे सातवें दिन भूर्लोक आदि तीनों लोक प्रलयके समुद्रमें डूब जायँगे॥ ३२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.24.32 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1017) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/24/32/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
- #836 शब्दोंके बीचका स्थान: श्रीभगवान् ने → श्रीभगवान्ने