श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! देवताओंसे यह कहकर ब्रह्माजी देवताओंको साथ लेकर भगवान् अजितके निजधाम वैकुण्ठमें गये। वह धाम तमोमयी प्रकृतिसे परे है॥ २४॥✎ 6841366
इत्याभाष्य सुरान्वेधाः सह देवैररिन्दम।
अजितस्य पदं साक्षाज्जगाम तमसः परम्॥ २४
श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! देवताओंसे यह कहकर ब्रह्माजी देवताओंको साथ लेकर भगवान् अजितके निजधाम वैकुण्ठमें गये। वह धाम तमोमयी प्रकृतिसे परे है॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.5.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 925) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/8/5/24/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)