उनमें शुभ्र ऋषिकी पत्नीका नाम था विकुण्ठा। उन्हींके गर्भसे वैकुण्ठ नामक श्रेष्ठ देवताओंके साथ अपने अंशसे स्वयं भगवान्ने वैकुण्ठ नामक अवतार धारण किया॥ ४॥✎ 678
पत्नी विकुण्ठा शुभ्रस्य वैकुण्ठैः सुरसत्तमैः।
तयोः स्वकलया जज्ञे वैकुण्ठो भगवान्स्वयम्॥ ४
उनमें शुभ्र ऋषिकी पत्नीका नाम था विकुण्ठा। उन्हींके गर्भसे वैकुण्ठ नामक श्रेष्ठ देवताओंके साथ अपने अंशसे स्वयं भगवान्ने वैकुण्ठ नामक अवतार धारण किया॥ ४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.5.4 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 922) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/5/4/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)