श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.5.7

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

षष्ठश्‍च चक्षुषः पुत्रश्चाक्षुषो नाम वै मनुः।

पूरुपूरुषसुद्युम्नप्रमुखाश्चाक्षुषात्मजाः ॥ ७

ṣaṣṭhaśca cakṣuṣaḥ putraścākṣuṣo nāma vai manuḥ|

pūrupūruṣasudyumnapramukhāścākṣuṣātmajāḥ || 7

अर्थ

छठे मनु चक्षुके पुत्र चाक्षुष थे। उनके पूरु, पूरुष, सुद्युम्न आदि कई पुत्र थे॥ ७॥✎ 679

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #679 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् ने → भगवान्‌ने

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