श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.1.28

नवम स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

राजोवाच

कथमेवंगुणो देशः केन वा भगवन् कृतः।

प्रश्‍नमेनं समाचक्ष्व परं कौतूहलं हि नः॥ २८

kathamevaṃguṇo deśaḥ kena vā bhagavan kṛtaḥ|

praśnamenaṃ samācakṣva paraṃ kautūhalaṃ hi naḥ|| 28

अर्थ

राजा परीक्षित‍्ने पूछा—भगवन्! उस भूखण्डमें ऐसा विचित्र गुण कैसे आ गया? किसने उसे ऐसा बना दिया था? आप कृपा कर हमारे इस प्रश्‍नका उत्तर दीजिये; क्योंकि हमें बड़ा कौतूहल हो रहा है॥ २८॥

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