श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.11.13

नवम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

सुबाहुः श्रुतसेनश्‍च शत्रुघ्नस्य बभूवतुः।

गन्धर्वान् कोटिशो जघ्ने भरतो विजये दिशाम्॥ १३

subāhuḥ śrutasenaśca śatrughnasya babhūvatuḥ|

gandharvān koṭiśo jaghne bharato vijaye diśām|| 13

अर्थ

तथा शत्रुघ्नके भी दो पुत्र हुए—सुबाहु और श्रुतसेन। भरतजीने दिग्विजयमें करोड़ों गन्धर्वोंका संहार किया॥ १३॥

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