श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.12.14

नवम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

तस्माच्छाक्योऽथ२ शुद्धोदो लांगलस्तत्सुतः स्मृतः।

ततः प्रसेनजित् तस्मात् क्षुद्रको भविता ततः॥ १४

tasmācchākyo'tha śuddhodo lāṃgalastatsutaḥ smṛtaḥ|

tataḥ prasenajit tasmāt kṣudrako bhavitā tataḥ|| 14

अर्थ

संजयका शाक्य, उसका शुद्धोद और शुद्धोदका लांगल, लांगलका प्रसेनजित् और प्रसेनजित्का पुत्र क्षुद्रक होगा॥ १४॥

टिप्पणियाँ

  1. २

    तस्मात्साध्योऽथ।

    (मुद्रित पृष्ठ 66)

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