श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.12.15

नवम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

रणको भविता तस्मात् सुरथस्तनयस्ततः।

सुमित्रो नाम निष्ठान्त एते बार्हद्बलान्वयाः३॥ १५

raṇako bhavitā tasmāt surathastanayastataḥ|

sumitro nāma niṣṭhānta ete bārhadbalānvayāḥ|| 15

अर्थ

क्षुद्रकसे रणक, रणकसे सुरथ और सुरथसे इस वंशके अन्तिम राजा सुमित्रका जन्म होगा। ये सब बृहद्बलके वंशधर होंगे॥ १५॥

टिप्पणियाँ

  1. ३

    लाः स्मृताः।

    (मुद्रित पृष्ठ 66)

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