रेणुकाके गर्भसे जमदग्नि ऋषिके वसुमान् आदि कई पुत्र हुए। उनमें सबसे छोटे परशुरामजी थे। उनका यश सारे संसारमें प्रसिद्ध है॥ १३॥✎ 879
तस्यां वै भार्गवऋषेः सुता वसुमदादयः।
यवीयांजज्ञ एतेषां राम इत्यभिविश्रुतः॥ १३
रेणुकाके गर्भसे जमदग्नि ऋषिके वसुमान् आदि कई पुत्र हुए। उनमें सबसे छोटे परशुरामजी थे। उनका यश सारे संसारमें प्रसिद्ध है॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.15.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 76) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/9/15/13/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#879 शब्दोंके बीचका स्थान: कियाथा—फिर → किया था—फिर