इसके बाद पिताकी आज्ञासे परशुरामजीने माताके साथ सब भाइयोंको भी मार डाला। इसका कारण था। वे अपने पिताजीके योग और तपस्याका प्रभाव भलीभाँति जानते थे॥ ६॥
रामः संचोदितः पित्रा भ्रातॄन् मात्रा सहावधीत्।
प्रभावज्ञो मुनेः सम्यक् समाधेस्तपसश्च सः॥ ६
इसके बाद पिताकी आज्ञासे परशुरामजीने माताके साथ सब भाइयोंको भी मार डाला। इसका कारण था। वे अपने पिताजीके योग और तपस्याका प्रभाव भलीभाँति जानते थे॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.16.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 80) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/16/6/