श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.22.33

नवम स्कन्ध · अध्याय 22 · अथ द्वाविंशोऽध्यायः

तव तातः सुभद्रायामभिमन्युरजायत।

सर्वातिरथजिद् वीर उत्तरायां ततो भवान्॥ ३३

tava tātaḥ subhadrāyāmabhimanyurajāyata|

sarvātirathajid vīra uttarāyāṃ tato bhavān|| 33

अर्थ

अर्जुनकी सुभद्रा नामकी पत्‍नीसे तुम्हारे पिता अभिमन्युका जन्म हुआ। वीर अभिमन्युने सभी अतिरथियोंको जीत लिया था। अभिमन्युके द्वारा उत्तराके गर्भसे तुम्हारा जन्म हुआ॥ ३३॥

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