परीक्षित्! तुम्हारे पुत्र तो सामने ही बैठे हुए हैं—इनके नाम हैं—जनमेजय, श्रुतसेन, भीमसेन और उग्रसेन। ये सब-के-सब बड़े पराक्रमी हैं॥ ३५॥
तवेमे तनयास्तात जनमेजयपूर्वकाः।
श्रुतसेनो भीमसेन उग्रसेनश्च वीर्यवान्॥ ३५
परीक्षित्! तुम्हारे पुत्र तो सामने ही बैठे हुए हैं—इनके नाम हैं—जनमेजय, श्रुतसेन, भीमसेन और उग्रसेन। ये सब-के-सब बड़े पराक्रमी हैं॥ ३५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.22.35 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 107) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/9/22/35/