श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.23.30

नवम स्कन्ध · अध्याय 23 · अथ त्रयोविंशोऽध्यायः

माधवा वृष्णयो राजन् यादवाश्‍चेति संज्ञिताः।

यदुपुत्रस्य च क्रोष्टोः पुत्रो वृजिनवांस्ततः॥ ३०

mādhavā vṛṣṇayo rājan yādavāśceti saṃjñitāḥ|

yaduputrasya ca kroṣṭoḥ putro vṛjinavāṃstataḥ|| 30

अर्थ

परीक्षित्! इन्हीं मधु, वृष्णि और यदुके कारण यह वंश माधव, वार्ष्णेय और यादवके नामसे प्रसिद्ध हुआ। यदुनन्दन क्रोष्टुके पुत्रका नाम था वृजिनवान्॥ ३०॥

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