श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.23.39

नवम स्कन्ध · अध्याय 23 · अथ त्रयोविंशोऽध्यायः

अन्वमोदन्त तद्विश्‍वेदेवाः पितर एव च।

शैब्या गर्भमधात् काले कुमारं सुषुवे शुभम्।

स विदर्भ इति प्रोक्त उपयेमे स्नुषां सतीम्॥ ३९

anvamodanta tadviśvedevāḥ pitara eva ca|

śaibyā garbhamadhāt kāle kumāraṃ suṣuve śubham|

sa vidarbha iti prokta upayeme snuṣāṃ satīm|| 39

अर्थ

राजा ज्यामघके इस वचनका विश्‍वेदेव और पितरोंने अनुमोदन किया। फिर क्या था, समयपर शैब्याको गर्भ रहा और उसने बड़ा ही सुन्दर बालक उत्पन्‍न किया। उसका नाम हुआ विदर्भ। उसीने शैब्याकी साध्वी पुत्रवधू भोज्यासे विवाह किया॥ ३९॥

इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां नवमस्कन्धे

यदुवंशानुवर्णने त्रयोविंशोऽध्यायः॥ २३॥

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