श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.38

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

कैकेयो धृष्टकेतुश्‍च श्रुतकीर्तिमविन्दत।

सन्तर्दनादयस्तस्य पंचासन् कैकयाः सुताः॥ ३८

kaikeyo dhṛṣṭaketuśca śrutakīrtimavindata|

santardanādayastasya paṃcāsan kaikayāḥ sutāḥ|| 38

अर्थ

कैकय देशके राजा धृष्टकेतुने श्रुतकीर्तिसे विवाह किया था। उससे सन्तर्दन आदि पाँच कैकय राजकुमार हुए॥ ३८॥

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