श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.39

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

राजाधिदेव्यामावन्त्यौ जयसेनोऽजनिष्ट ह।

दमघोषश्‍चेदिराजः श्रुतश्रवसमग्रहीत्॥ ३९

rājādhidevyāmāvantyau jayaseno'janiṣṭa ha|

damaghoṣaścedirājaḥ śrutaśravasamagrahīt|| 39

अर्थ

राजाधिदेवीका विवाह जयसेनसे हुआ था। उसके दो पुत्र हुए—विन्द और अनुविन्द। वे दोनों ही अवन्तीके राजा हुए। चेदिराज दमघोषने श्रुतश्रवाका पाणिग्रहण किया॥ ३९॥

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