श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.40

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

शिशुपालः सुतस्तस्याः कथितस्तस्य सम्भवः।

देवभागस्य कंसायां चित्रकेतुबृहद्बलौ॥ ४०

śiśupālaḥ sutastasyāḥ kathitastasya sambhavaḥ|

devabhāgasya kaṃsāyāṃ citraketubṛhadbalau|| 40

अर्थ

उसका पुत्र था शिशुपाल, जिसका वर्णन मैं पहले (सप्तम स्कन्धमें) कर चुका हूँ। वसुदेवजीके भाइयोंमेंसे देवभागकी पत्‍नी कंसाके गर्भसे दो पुत्र हुए—चित्रकेतु और बृहद्बल॥ ४०॥

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