॥ श्रीहरिः ॥
कंसवत्यां देवश्रवसः सुवीर इषुमांस्तथा।
कंकायामानकाज्जातः सत्यजित् पुरुजित् तथा॥ ४१
kaṃsavatyāṃ devaśravasaḥ suvīra iṣumāṃstathā|
kaṃkāyāmānakājjātaḥ satyajit purujit tathā|| 41
अर्थ
देवश्रवाकी पत्नी कंसवतीसे सुवीर और इषुमान् नामके दो पुत्र हुए। आनककी पत्नी कंकाके गर्भसे भी दो पुत्र हुए—सत्यजित् और पुरुजित्॥ ४१॥
कंसवत्यां देवश्रवसः सुवीर इषुमांस्तथा।
कंकायामानकाज्जातः सत्यजित् पुरुजित् तथा॥ ४१
देवश्रवाकी पत्नी कंसवतीसे सुवीर और इषुमान् नामके दो पुत्र हुए। आनककी पत्नी कंकाके गर्भसे भी दो पुत्र हुए—सत्यजित् और पुरुजित्॥ ४१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.24.41 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 116) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/24/41/