श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.41

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

कंसवत्यां देवश्रवसः सुवीर इषुमांस्तथा।

कंकायामानकाज्जातः सत्यजित् पुरुजित् तथा॥ ४१

kaṃsavatyāṃ devaśravasaḥ suvīra iṣumāṃstathā|

kaṃkāyāmānakājjātaḥ satyajit purujit tathā|| 41

अर्थ

देवश्रवाकी पत्‍नी कंसवतीसे सुवीर और इषुमान् नामके दो पुत्र हुए। आनककी पत्‍नी कंकाके गर्भसे भी दो पुत्र हुए—सत्यजित् और पुरुजित्॥ ४१॥

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