श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.42

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

सृंजयो राष्ट्रपाल्यां च वृषदुर्मर्षणादिकान्।

हरिकेशहिरण्याक्षौ शूरभूम्यां च श्यामकः॥ ४२

sṛṃjayo rāṣṭrapālyāṃ ca vṛṣadurmarṣaṇādikān|

harikeśahiraṇyākṣau śūrabhūmyāṃ ca śyāmakaḥ|| 42

अर्थ

सृंजयने अपनी पत्‍नी राष्ट्रपालिकाके गर्भसे वृष और दुर्मर्षण आदि कई पुत्र उत्पन्‍न किये। इसी प्रकार श्यामकने शूरभूमि (शूरभू) नामकी पत्‍नीसे हरिकेश और हिरण्याक्ष नामक दो पुत्र उत्पन्‍न किये॥ ४२॥

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