श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.45

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

पौरवी रोहिणी भद्रा मदिरा रोचना इला।

देवकीप्रमुखा आसन् पत्‍न्य आनकदुन्दुभेः॥ ४५

pauravī rohiṇī bhadrā madirā rocanā ilā|

devakīpramukhā āsan patnya ānakadundubheḥ|| 45

अर्थ

आनकदुन्दुभि वसुदेवजीकी पौरवी, रोहिणी, भद्रा, मदिरा, रोचना, इला और देवकी आदि बहुत-सी पत्‍नियाँ थीं॥ ४५॥

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