श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.44

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

सुमित्रार्जुनपालादीञ्छमीकात्तु सुदामिनी।

कंकश्‍च कर्णिकायां वै ऋतधामजयावपि॥ ४४

sumitrārjunapālādīñchamīkāttu sudāminī|

kaṃkaśca karṇikāyāṃ vai ṛtadhāmajayāvapi|| 44

अर्थ

शमीककी पत्‍नी सुदामिनीने भी सुमित्र और अर्जुनपाल आदि कई बालक उत्पन्‍न किये। कंककी पत्‍नी कर्णिकाके गर्भसे दो पुत्र हुए—ऋतधाम और जय॥ ४४॥

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