श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.3.27

नवम स्कन्ध · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

उत्तानबर्हिरानर्तो भूरिषेण इति त्रयः।

शर्यातेरभवन् पुत्रा आनर्ताद् रेवतोऽभवत्॥ २७

uttānabarhirānarto bhūriṣeṇa iti trayaḥ|

śaryāterabhavan putrā ānartād revato'bhavat|| 27

अर्थ

परीक्षित्! शर्यातिके तीन पुत्र थे—उत्तानबर्हि, आनर्त और भूरिषेण। आनर्तसे रेवत हुए॥ २७॥

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