श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.1.11

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

कालव्यालमुखग्रासत्रासनिर्णाशहेतवे ।

श्रीमद्भागवतं शास्त्रं कलौ कीरेण भाषितम्॥ ११

kālavyālamukhagrāsatrāsanirṇāśahetave |

śrīmadbhāgavataṃ śāstraṃ kalau kīreṇa bhāṣitam|| 11

अर्थ

श्रीशुकदेवजीने कलियुगमें जीवोंके कालरूपी सर्पके मुखका ग्रास होनेके त्रासका आत्यन्तिक नाश करनेके लिये श्रीमद्भागवतशास्त्रका प्रवचन किया है॥ ११॥

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