श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.1.17

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

अभक्तांस्तांश्‍च विज्ञाय न ददौ स कथामृतम्।

श्रीमद्भागवती वार्ता सुराणामपि दुर्लभा॥ १७

abhaktāṃstāṃśca vijñāya na dadau sa kathāmṛtam|

śrīmadbhāgavatī vārtā surāṇāmapi durlabhā|| 17

अर्थ

उन्हें भक्तिशून्य (कथाका अनधिकारी) जानकर कथामृतका दान नहीं किया। इस प्रकार यह श्रीमद्भागवतकी कथा देवताओंको भी दुर्लभ है॥ १७॥

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