श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.1.19

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

लघून्यन्यानि जातानि गौरवेण इदं महत्।

तदा ऋषिगणाः सर्वे विस्मयं परमं ययुः॥ १९

laghūnyanyāni jātāni gauraveṇa idaṃ mahat|

tadā ṛṣigaṇāḥ sarve vismayaṃ paramaṃ yayuḥ|| 19

अर्थ

अन्य सभी साधन तौलमें हलके पड़ गये, अपने महत्त्वके कारण भागवत ही सबसे भारी रहा। यह देखकर सभी ऋषियोंको बड़ा विस्मय हुआ॥ १९॥

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