॥ श्रीहरिः ॥
मेनिरे भगवद्रूपं शास्त्रं भागवतं कलौ।
पठनाच्छ्रवणात्सद्यो वैकुण्ठफलदायकम्॥ २०
menire bhagavadrūpaṃ śāstraṃ bhāgavataṃ kalau|
paṭhanācchravaṇātsadyo vaikuṇṭhaphaladāyakam|| 20
अर्थ
उन्होंने कलियुगमें इस भगवद्रूप भागवतशास्त्रको ही पढ़ने-सुननेसे तत्काल मोक्ष देनेवाला निश्चय किया॥ २०॥
मेनिरे भगवद्रूपं शास्त्रं भागवतं कलौ।
पठनाच्छ्रवणात्सद्यो वैकुण्ठफलदायकम्॥ २०
उन्होंने कलियुगमें इस भगवद्रूप भागवतशास्त्रको ही पढ़ने-सुननेसे तत्काल मोक्ष देनेवाला निश्चय किया॥ २०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.1.20 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 35) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/1/20/