sarvaṃ vakṣyāmi te bhadre kaśmalaṃ te gamiṣyati|| 65
अर्थ
नारदजीने कहा—बाले! यदि तुमने पूछा है तो प्रेमसे सुनो; कल्याणी! मैं तुम्हें सब बताऊँगा और तुम्हारा दुःख दूर हो जायगा॥ ६५॥
यदि पृष्टस्त्वया बाले प्रेमतः श्रवणं कुरु।
सर्वं वक्ष्यामि ते भद्रे कश्मलं ते गमिष्यति॥ ६५
नारदजीने कहा—बाले! यदि तुमने पूछा है तो प्रेमसे सुनो; कल्याणी! मैं तुम्हें सब बताऊँगा और तुम्हारा दुःख दूर हो जायगा॥ ६५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.1.65 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 39) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/mahatmya/padma/1/65/