श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.1.65

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

नारद उवाच

यदि पृष्टस्त्वया बाले प्रेमतः श्रवणं कुरु।

सर्वं वक्ष्यामि ते भद्रे कश्मलं ते गमिष्यति॥ ६५

yadi pṛṣṭastvayā bāle premataḥ śravaṇaṃ kuru|

sarvaṃ vakṣyāmi te bhadre kaśmalaṃ te gamiṣyati|| 65

अर्थ

नारदजीने कहा—बाले! यदि तुमने पूछा है तो प्रेमसे सुनो; कल्याणी! मैं तुम्हें सब बताऊँगा और तुम्हारा दुःख दूर हो जायगा॥ ६५॥

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