श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.2.65

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

श्रीमद्भागवतालापात्तत्कथं बोधमेष्यति।

तत्कथासु तु वेदार्थः श्लोके श्लोके पदे पदे॥ ६५

śrīmadbhāgavatālāpāttatkathaṃ bodhameṣyati|

tatkathāsu tu vedārthaḥ śloke śloke pade pade|| 65

अर्थ

ऐसी स्थितिमें श्रीमद्भागवत सुनानेसे वे कैसे जगेंगे? क्योंकि उस कथाके प्रत्येक श्लोक और प्रत्येक पदमें भी वेदोंका ही तो सारांश है॥ ६५॥

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