इस ग्रन्थमें अठारह हजार श्लोक और बारह स्कन्ध हैं तथा श्रीशुकदेव और राजा परीक्षित्का संवाद है। आप यह भागवतशास्त्र ध्यान देकर सुनिये॥ २६॥✎ 1567
ग्रन्थोऽष्टादशसाहस्रो द्वादशस्कन्धसम्मितः।
परीक्षिच्छुकसंवादः शृणु भागवतं च तत्॥ २६
इस ग्रन्थमें अठारह हजार श्लोक और बारह स्कन्ध हैं तथा श्रीशुकदेव और राजा परीक्षित्का संवाद है। आप यह भागवतशास्त्र ध्यान देकर सुनिये॥ २६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.3.26 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 49) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/mahatmya/padma/3/26/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)