नारदजी! अब हम तुम्हें इस विषयमें एक प्राचीन इतिहास सुनाते हैं, उसके सुननेसे ही सब पाप नष्ट हो जाते हैं॥ १५॥
अत्र ते कीर्तयिष्याम इतिहासं पुरातनम्।
यस्य श्रवणमात्रेण पापहानिः प्रजायते॥ १५
नारदजी! अब हम तुम्हें इस विषयमें एक प्राचीन इतिहास सुनाते हैं, उसके सुननेसे ही सब पाप नष्ट हो जाते हैं॥ १५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.4.15 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 55) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/4/15/