श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.4.66

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

कियत्कालेन तौ जातौ तरुणौ तनयावुभौ।

गोकर्णः पण्डितो ज्ञानी धुन्धुकारी महाखलः॥ ६६

kiyatkālena tau jātau taruṇau tanayāvubhau|

gokarṇaḥ paṇḍito jñānī dhundhukārī mahākhalaḥ|| 66

अर्थ

कुछ काल बीतनेपर वे दोनों बालक जवान हो गये। उनमें गोकर्ण तो बड़ा पण्डित और ज्ञानी हुआ, किन्तु धुन्धुकारी बड़ा ही दुष्ट निकला॥ ६६॥

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